A Nation is as perfect or as imperfect as its people

"जाति धर्म देखे बिना, देशद्रोहियों को अपने हाथों से मिटाना होगा नई पीढ़ी को अभिमन्यु सा, गर्भ में देशभक्ति का पाठ पढ़ाना होगा तुम्हें व्यक्तिवाद छोड़कर राष्ट्रवाद अपनाना होगा………… हर व्यक्ति में भारतीय होने का…

सत्ता, स्वार्थ और साम्यवाद (Communism)

मैंने पिछले लेख में कहा था कि कम्युनिस्टों के ऊपर अलग से लेख लिखेंगें। सत्ता प्राप्ति हेतु भारतीय कम्युनिस्टों ने तो अपने आदर्श अर्थात् त्रिदेव (मार्क्स,लेनिन और स्टालिन ) तथा माओ को भी पीछे छोड़…

चीनी अर्थव्यवस्था में मंदी भारत के लिए एक अवसर !!!!

हम सभी को ज्ञात है कि सन् 2008 में अमेरिका के शेयर और सम्पत्ति बाजार (Share Market) में आये भारी मंदी(Depression) ने पुरे विश्व की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया था।यद्यपि भारतवर्ष जैसे पारम्परिक अर्थव्यवस्था…

गांधी जी, गुजरात और देश !!

देश  बाहरी और आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रहा हैi  वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी,खराब होते भारत-पाकिस्तान सम्बन्ध और सूत्रों की माने तो नेपाल में गृह-युद्ध जैसी स्थिति के मूल में चीन और पाकिस्तान का होना। वैसे संघ की…

क्या केवल बिहारी ‘जातीय’ रोग से पीड़ित हैं;

  आप सभी के समक्ष विमर्श हेतु एक विषय रख रहा हूं। विषय है–क्यों और कैसे बिहार विधान सभा के चुनाव का एकमात्र एजेंडा केवल "जाति" बन गया है। पुनः क्या केवल बिहारी 'जातीय' रोग से पीड़ित…