BJP काे JD-S से गठबंधन पड़ेगा महंगा? हासन सैक्‍स स्‍कैंडल सामने आने से बदला परिदृश्‍य

जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कर्नाटक (Karnataka) में एचडी देवगौड़ा की पार्टी से गठबंधन किया तो उसकी नजर खासतौर से ओल्‍ड मैसूरू (Old Mysuru) इलाके के वोक्‍कालिगा (Vokkaliga) वोट बैंक पर थी जो कि राज्‍य में लिंगायतों (Lingayat) के बाद दूसरा सबसे बड़ा और प्रभावशाली मतदाता समूह है। अंतर्कलह, बगावत और पार्टी में असंतोष की समस्‍याओं से जूझ रही भाजपा को उम्‍मीद थी कि देवगौड़ा की पार्टी उसे पुराने मैसूरु इलाके में सीटें जीतने में मदद करेगी।

हालांकि, अब इस पर बहस हो रही है कि क्‍या वह एक सही कदम था ? हालात बदल चुके हैं और पिछले साल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हाथों बुरी तरह पिटने के बाद इस बार फिर भाजपा के सामने कर्नाटक में हारने का खतरा है। लोकसभा चुनाव है इसलिए हार-जीत के मायने भी अलग हैं। लेकिन, 400 सीटें जीतने का सपना देख रही पार्टी के लिए कर्नाटक में सीटें गंवाने का मतलब इस सपने की राह में रोड़े खड़े होना है।

हासन सैक्‍स स्‍कैंडल ने बदल दिए समीकरण

लोग मानेंगे नहीं लेकिन यह सच्‍चाई है कि मंगलवार को जब उत्तर कर्नाटक में मतदाता पोलिंग बूथ पहुंचेंगे तो पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बने 3 हजार वीडियो वाले हासन सैक्‍स स्‍कैंडल का उनके दिमाग पर बड़ा असर होगा। यह इलाका हालांक‍ि JD-S के प्रभाव वाला नहीं है और यहां भाजपा के सामने सीधे कांग्रेस की चुनौती रहती है लेकिन, हासन कांड का असर इतना व्‍यापक है कि उत्तर कर्नाटक की महि‍ला समर्थक अब भाजपा को शायद ही वोट देंगी। वे या तो कांग्रेस की तरफ जाएंगी या वोट ही नहीं देंगी। दोनाें ही हालात में नुकसान भाजपा को होगा और इसका असर बागलकोट व इस जैसी कुछ और सीटों पर पड़ेगा।

अंदरूनी कलह और बगावत भी अहम

भाजपा को उत्तर कर्नाटक में बहुत सारी सीटों पर अंतर्कलह और बगावत झेलना पड़ रही है। केएस ईश्‍वरप्‍पा इस बगावत के सबसे बड़े किरदार हैं। कलबुर्गी, कोप्‍पल, शिमोगा, उत्तर कन्‍नड़ वगैरह में अंतर्कलह चरम पर है। हुब्‍बली-धारवाड़, बेलगाम में भी हालत कमोबेश ऐसे ही हैं। पिछली बार पार्टी ने 14 में से 14 सीटें जीती थीं लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इस इलाके में अच्‍छा समर्थन मिला था और वे इसके जारी रहने की उम्‍मीद करेंगे। हुब्‍बली के कॉलेज में एक छात्रा की हत्‍या के बाद भाजपा ने इसे लव जिहाद का रंग देकर मुद्दा बनाने की कोशिश की लेकिन हासन कांड खुलने के बाद सब मुद्दे हवा हो गए।