Mysore Dasara पूरी दुनिया में विख्‍यात मैसूर दशहरा उत्सव

Mysore Dasara पूर दस दिन तक चलने वाला मैसूर दशहरा (Mysore Dasara) उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह पूरी दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करता है। शानदार जुलूस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मेले और प्रदर्शनियों के साथ मैसूर दशहरा (Mysore Dasara) भारत का सबसे असाधारण दशहरा उत्सव है। यह नवरात्रि के दौरान मनाया जाता है और विजयादशमी (Vijayadashami) पर एक भव्य समापन पर पहुंचता है। मैसूर दशहरा के दौरान कर्नाटक (Karnataka) की भव्यता को इसकी पूरी महिमा में देखा जा सकता है।

मैसूर Mysore को कभी ‘महिशूर’ कहा जाता था, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह वह स्थान है जहां देवी चामुंडेश्वरी (दुर्गा का एक रूप |Chamundeshwari) ने भैंस के सिर वाले राक्षस महिषासुर (Mahishasura) का वध किया था। तब से, नौ दिनों को बहुत उत्साह के साथ मनाया जाने लगा।

मैसूर दशहरा का मुख्य आकर्षण जंबो सवारी | Highlights Of Mysore Dasara Jambo Savari

जंबो सवारी (Jambo Savari) या हाथी जुलूस मैसूर दशहरा (Mysore Dasara) की सबसे प्रमुख घटनाओं में से एक है। इस जुलूस के दौरान रंग-बिरंगे परिधानों में सजे 12 प्रशिक्षित हाथियों को सड़कों पर ले जाया जाता है। उनमें से एक चामुंडेश्वरी की मूर्ति को एक सुनहरे मंडप के ऊपर रखता है। जुलूस मैसूर पैलेस से बन्नीमंटप तक शुरू होता है। पारंपरिक नृत्य, संगीत और तलवारबाजी के प्रदर्शन जैसे प्रदर्शन पूरे जुलूस में देखे जा सकते हैं। जंबो सवारी (Jambo Savari) जब शहर की सड़कों से गुजरती है, यह पूरे शहर में जोश और आनंद की लहर फैल जाती है।

मशाल परेड | Torchlight Parade

जंबो सवारी के साथ परेड विशाल बन्नी मंटप (Banni Mantapa) मैदान तक एक मशाल परेड (Torchlight Parade) के साथ पहुंचती है। यह भव्‍य परेड राज्य के गौरवशाली इतिहास की झलक पेश करते हुए पुराने जमाने की परंपराओं और उनकी भव्यता को प्रदर्शित करती है। शानदार आतिशबाजी, बाइक शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम और लेजर शो का आयेाजन होता है जो आगंतुको को मंत्रमुग्ध कर देंता है। यह सब मैसूर दशहरे (Mysore Dasara) का सबसे अभिन्न हिस्सा है और इसीीके साथ 10-दिवसीय उत्सव का समापन भी हो जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.