मक्‍कारी और बेइमानी की जीत

अबूधाबी में रविवार की शाम जब एक प्रतियोगिता शुरू हुई तो किसी को यह अंदाजा नहीं था कि उसका अंत इतिहास की एक सबसे शर्मनाक चोरी और बंईमानी के साथ होगा। मैक्‍स वर्सटापन ने आखिरी लम्‍हे में नियमों की गलत व्‍याख्‍या के कारण मिले मौके का फायदा उठाते हुए 2 सैकंड के अंतर से रेस जीत ली।

पूरी रेस में लुईस हैमिल्टन ने अगुवाई की और बड़ी आसानी से रेस जीतने की ओर बढ़ रहे थे लेकिन तभी एक फिसड्डी Nicholas Latifi अपनी कार को संभाल नहीं सका और सुरक्षा बाड़ से टकरा गया। सेफ्टी कार को उतारा गया और अंत में केवल एक फेरे के साथ रेस को दोबारा शुरू कराया गया। जब यह कथित हादसा हुआ, हैमिल्‍टन ने वर्सटापन के खिलाफ बहुत बड़ी बढ़त ले रखी थी और केवल चार फेरेे बाकी थेे।

हैमिल्‍टन की रेकॉर्ड आठवीं जीत को लेकर शायद ही तब किसी को शक रहा होगा लेकिन असली ट्विस्‍ट आना तो बाकी था। शूमाकर के साथ एक फालतू के द्वंद्व में लगे पुछल्‍ले Nicholas Latifi ने अपनी कार को बाड़ से दे मारा और फिर सब बदल गया।

रेड बुल को आठ साल बाद कंस्ट्रक्टर्स का खिताब जीतने में कामयाबी मिली और पूरे करियर में अब तक 10 रेस जीतने वाला मैक्स वर्सटापन अंतिम कुछ सैकंड में इस सीजन की 10वींं रेस जीत कर चैंपियन बन गया। सच कहता हूं तो यह #F1 के इतिहास की सबसे बड़ी फर्जी जीत है।

मेरी नजर में तो लुईस हैमिल्टन ही #AbuDhabiGrandPrix के असली विजेता थे, हैं और हमेशा रहेंगे। मैक्‍स वर्सटापन का नाम हमेशा बेईमान, फर्जी रेसर के रूप में याद किया जाएगा।

लेकिन दो सवाल उठते हैं, Nicholas Latifi की कार का दुर्घटनाग्रस्‍त होना क्‍या एक सामान्‍य हादसा था या किसी बुरी नी‍यत के साथ सोच समझ कर किया गया कुकृत्‍य था। इसकी पूरी जांच कराई जानी चाहिए। दूसरा सवाल रूल बुक को सही तरीके से परिभाषित करने और नियमों की उचित आरेापण करने से संबंधित है। F1 को इस पर विचार करना चाहिए।

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